जनादेश द्वारा ठुकरा दिए गए और जनाधार वहींन राजनीतिक दलों और नेताओं की हताशा विश्वविद्यालयों में हिंसा के रूप में सामने आ रही है #JNU में हुई हिंसा कि हम कड़ी निंदा करते हैं..
इस बात की स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए| — Manoj Tiwari (@ManojTiwariMP) January 5, 2020
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